कुंजा बहादुरपुर में गूंजा शहीदों का जयघोष, राजा विजय सिंह–सेनापति कल्याण सिंह सहित 152 वीरों को श्रद्धांजलि
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
भगवानपुर: प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रणेता शहीद राजा विजय सिंह गुर्जर और शहीद सेनापति कल्याण सिंह गुर्जर की स्मृति में शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को ग्राम कुंजा बहादुरपुर में 202वां बलिदान दिवस समारोह श्रद्धा और देशभक्ति के वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में राजा विजय सिंह, सेनापति कल्याण सिंह सहित 152 वीर सैनिकों के बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर श्रद्धांजलि सभा के साथ नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक चौधरी अर्जुन सिंह गुर्जर ने की। समारोह में उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुशील पेगोवाल ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कुंजा बहादुरपुर की धरती वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति की गौरवशाली गाथा अपने भीतर समेटे हुए है। राजा विजय सिंह गुर्जर, सेनापति कल्याण सिंह गुर्जर और उनके साथ बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का त्याग देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
सुशील पेगोवाल ने कहा कि इन वीरों का बलिदान केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, साहस और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपने क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास और वीर शहीदों के संघर्ष से परिचित कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। समारोह में अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद राज्यसभा नरेश बंसल, सांसद राज्यसभा कल्पना सैनी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक भगवानपुर ममता राकेश, उत्तराखंड किसान आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, जिला पंचायत हरिद्वार के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह उर्फ किरण चौधरी तथा जिला सहकारी बैंक हरिद्वार के अध्यक्ष चौधरी विजेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में यज्ञ, स्वास्थ्य शिविर, श्रद्धांजलि सभा और सामूहिक भोजन का आयोजन किया गया। आयोजकों ने कहा कि शहीदों की स्मृति को जीवंत रखना और उनकी गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

