श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण लीलाओं ने बांधा श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में, पूर्व मेयर गौरव गोयल ने लिया आशीर्वाद
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
रुड़की: गणपति विहार में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिवस आध्यात्मिक वातावरण उस समय और भी भावपूर्ण हो गया, जब कथा व्यास आचार्य स्वास्तिक जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का सुंदर और मार्मिक वर्णन किया।
कृष्ण चरित्र के प्रसंगों को सुनकर कथा पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भक्ति और भावनाओं से सराबोर नजर आए। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणा का स्रोत भी है।
उनकी लीलाओं में प्रेम, करुणा, वात्सल्य, सरलता, त्याग और भक्ति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने सदैव धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश का संदेश दिया तथा मनुष्य को सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र के अहंकार का नाश यह संदेश देता है कि भक्ति के साथ विनम्रता का होना अत्यंत आवश्यक है।
अहंकार मनुष्य के पतन का कारण बन सकता है, जबकि सच्ची श्रद्धा और समर्पण जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं। कथा के अंतिम दिन पूर्व मेयर गौरव गोयल भी कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कथा व्यास आचार्य स्वास्तिक जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार करता है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भागवत कथा का विशेष महत्व है और इसके माध्यम से समाज को संस्कार, सद्भाव तथा धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस दौरान आयोजक रमेश चंद्र शर्मा, यशपाल सिंह, विकास पोसवाल, ब्रज मोहन त्यागी, सुभाष यादव, गोपाल सैनी, पवन त्यागी, ज्ञानेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया और आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

