न कोई वारिस, न कोई अपना… गौरव गोयल बने सहारा, गंगा में विसर्जन को रवाना हुईं अस्थियां
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
रुड़की: जिनके अपने उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए भी मौजूद नहीं थे, उनके लिए रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल ने एक बार फिर इंसानियत का फर्ज निभाते हुए अनुकरणीय पहल की। सोलानी नदी शमशान घाट से लावारिस मृतकों की अस्थियों को पूरे विधि-विधान, मंत्रोच्चारण और श्रद्धा के साथ मां गंगा में विसर्जन के लिए रवाना किया गया।
पूर्व मेयर गौरव गोयल की यह मानवीय पहल पिछले सात वर्षों से लगातार जारी है। इस अभियान के तहत उन मृतकों का अंतिम संस्कार कराया जाता है, जिनका इस दुनिया में कोई वारिस या अपना कहने वाला नहीं होता। अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियों को विधिवत गंगा में विसर्जित कर दिवंगत आत्माओं की शांति और मोक्ष की कामना की जाती है।
इस अवसर पर गौरव गोयल ने कहा कि समाज में ऐसे लोगों के लिए भी संवेदना और जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए, जिनका इस दुनिया में कोई अपना नहीं है। उन्होंने कहा कि लावारिस मृतकों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार और उनकी अस्थियों का गंगा में विसर्जन केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचायक है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी ईश्वर लाल शास्त्री, वरिष्ठ नेता सचिन गुप्ता तथा युवा समाजसेवी इंजीनियर चैरब जैन ने भी शमशान घाट पहुंचकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान सोलानी नदी शमशान घाट समिति अध्यक्ष शिवमंगल सिंह उर्फ मंगू सिंह, राजवीर सिंह रोड, श्याम सिंह, पूर्व पार्षद शक्ति राणा, धर्मपाल जाटव, योगेंद्र प्रताप, करण सिंह, विकास सैनी, राकेश शर्मा बंधु, कमल स्नेही, दीपक जायसवाल, अनूप बंसल, विक्रांत कश्यप, अमन शर्मा, चीन्कू कश्यप, आकाश गौतम, लालू कश्यप, अनूप शर्मा, गौरव गर्ग एवं इमरान देशभक्त सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

