October 20, 2026

City News Network Live

Latest News, Breaking News, Bollywood, Sports, Business and Political News, City News Network Live

रावण-हनुमान संवाद की लीला ने मोहा मन, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा रामलीला पंडाल

City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::

रुड़की: लालकुर्ती में भगवान वाल्मीकि रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के दौरान रावण-हनुमान संवाद की प्रभावशाली प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंच पर रावण के अहंकार और भगवान हनुमान के पराक्रम का सजीव चित्रण देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। लीला के दौरान पंडाल जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व मेयर गौरव गोयल ने फीता काटकर किया। मंचन के दौरान रावण अपने बल और सामर्थ्य के मद में चूर होकर हनुमान जी को चुनौती देता नजर आया। दोनों के बीच संवाद और युद्ध के प्रसंगों ने रामलीला में विशेष उत्साह भर दिया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को रामायण के उस प्रसंग से रूबरू कराया, जिसमें अहंकार के सामने सत्य, धर्म और भक्ति की शक्ति का संदेश मिलता है। इस अवसर पर पूर्व मेयर गौरव गोयल ने कहा कि अहंकार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है। अधर्म और बुराई अधिक समय तक टिक नहीं सकते। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श हमें सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उनके जीवन मूल्यों को अपनाकर ही समाज में नैतिकता और सकारात्मकता को मजबूत किया जा सकता है। वहीं, खानपुर क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता सचिन पंवार गोवर्धनपुर ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार रखते हुए कहा कि रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजन भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि रामायण का संदेश स्पष्ट है कि अंततः विजय सत्य, धर्म और अच्छाई की ही होती है। कार्यक्रम के दौरान भगवान वाल्मीकि रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रवि पंवार, प्रबंधक देवेंद्र कुमार, सचिव विनोद गुजराल और कोषाध्यक्ष सूरज कांगड़े सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रविंदर कुमार ने किया। रामलीला के इस मंचन ने श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ-साथ अहंकार के त्याग, सत्य के मार्ग पर चलने और बुराई के विरुद्ध खड़े होने का संदेश भी दिया।

Translate »
Right Menu Icon