रुड़की की आवाज बने विधायक प्रदीप बत्रा विधानसभा में सड़क, बेरोजगारी और यूजर चार्ज पर उठाई आवाज
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
रुड़की/गैरसैंण: उत्तराखण्ड विधानसभा के बजट सत्र में रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा ने जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण और गंभीर मुद्दों को सदन में मजबूती के साथ उठाया। उन्होंने नियम 87 के तहत सदन में मांग रखते हुए कहा कि प्रदेश में बनने वाले मुख्य मार्गों के निर्माण से पहले संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। विधायक बत्रा ने कहा कि अक्सर सड़क निर्माण के बाद सीवर लाइन, पेयजल पाइपलाइन, भूमिगत बिजली, दूरसंचार और गैस लाइन डालने के लिए नई सड़कों को बार-बार खोदा जाता है, जिससे सरकारी धन की भारी बर्बादी होती है और जनता को भी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सड़क निर्माण से पहले ही इन सभी विभागों को सूचना देकर आवश्यक कार्य पूर्ण करा लिए जाएं ताकि नई सड़कों को नुकसान से बचाया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने नियम 105 के अंतर्गत बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को भी सदन में प्रमुखता से उठाया। विधायक बत्रा ने कहा कि कई बार उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार और उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, देहरादून को भेजे जाने वाले अधियाचनों में अर्हता, रोस्टर प्रणाली और पाठ्यक्रम से जुड़ी त्रुटियों के कारण भर्ती प्रक्रियाएं अनावश्यक रूप से लंबित हो जाती हैं। उन्होंने मांग की कि शासन स्तर पर एक समिति गठित की जाए, जो अधियाचन आयोग को भेजने से पहले उनकी समीक्षा कर त्रुटियों को दूर करे, जिससे भर्ती प्रक्रिया में तेजी आए और युवाओं को देरी से होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके। वहीं नियम 300 के अंतर्गत विधायक बत्रा ने नगर निगम रुड़की द्वारा शहरवासियों से कूड़ा उठाने और निस्तारण के लिए यूजर चार्ज वसूलने के प्रस्ताव का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम के पास कूड़ा निस्तारण के लिए पर्याप्त संसाधन और मैनपॉवर मौजूद है, इसके बावजूद यह कार्य किसी थर्ड पार्टी को सौंपने की तैयारी की जा रही है, जो सीधे जनता से यूजर चार्ज वसूलेगी। उन्होंने कहा कि शहरवासी पहले ही हाउस टैक्स सहित अन्य करों का भुगतान कर रहे हैं, ऐसे में उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना जनहित में उचित नहीं है। इस मुद्दे को सदन में उठाने पर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने भी विधायक बत्रा का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने पहले ही इस विषय को उठाने की मांग की थी। इसके अतिरिक्त विधायक प्रदीप बत्रा ने तारांकित और अतारांकित प्रश्नों के माध्यम से प्रदेश में पॉलीहाउस योजना में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कृषि मंत्री से पूछा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में विधानसभा रुड़की क्षेत्र में कितने पॉलीहाउस स्थापित किए गए और उनमें सरकार द्वारा कितनी सब्सिडी प्रदान की गई। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि पॉलीहाउस योजना में सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों के लिए क्या-क्या पात्रता और शर्तें निर्धारित की गई हैं।
विधानसभा सत्र के दौरान विधायक बत्रा द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को जनहित से जुड़ा बताते हुए क्षेत्र के लोगों ने भी इसे महत्वपूर्ण पहल माना है।

