IIT रुड़की में सतत ग्रामीण विकास पर महत्वपूर्ण बैठक ठाकुर अक्षय प्रताप सिंह रहे उपस्थित
(मौहम्मद नाज़िम) रुड़की। आज IIT रुड़की में सतत ग्रामीण विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासन, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर गांवों के सर्वांगीण विकास की ठोस कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और संबंधित प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर, सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नवाचार आधारित मॉडल तैयार करना रहा। इस दौरान आधुनिक तकनीकों को गांवों तक पहुंचाने, कृषि और लघु उद्योगों में तकनीकी हस्तक्षेप बढ़ाने, स्थानीय संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग तथा युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर मंथन हुआ। साथ ही कार्बन क्रेडिट की संभावनाओं पर विशेष चर्चा करते हुए यह विचार रखा गया कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आय में भी वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। चर्चा के क्रम में भाजपा जिला महामंत्री ठाकुर अक्षय प्रताप सिंह ने उद्योग–शैक्षणिक संस्थान–प्रशासन के त्रिस्तरीय समन्वय को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यदि शोध संस्थानों की तकनीकी क्षमता, उद्योगों का व्यावहारिक अनुभव और प्रशासन की नीतिगत प्रतिबद्धता एक साथ कार्य करें, तो ग्रामीण विकास को नई ऊंचाई दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि गांव केवल योजनाओं के क्रियान्वयन का केंद्र न बनें, बल्कि नवाचार और आत्मनिर्भरता के मॉडल के रूप में विकसित हों। उन्होंने डिजिटल सशक्तिकरण, हरित ऊर्जा, जल संरक्षण, जैविक खेती और स्थानीय उत्पादों के ब्रांडिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन की समस्या भी कम होगी। बैठक में IIT रुड़की से अभ्युनंदन मौर्या, MNA राकेश तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित सदस्यों ने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल हरिद्वार जनपद बल्कि पूरे प्रदेश में ग्रामीण विकास के एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित होगी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



























