आश्रम से लापता महंत का खौफनाक अंत, रिश्तों की आड़ में रची गई सनसनीखेज साजिश
(मौहम्मद नाज़िम) भगवानपुर। एक साधारण गुमशुदगी की सूचना ने उस वक्त सनसनी फैला दी जब जांच की परतें खुलते ही हत्या की भयावह कहानी सामने आ गई। 10 फरवरी 2026 को ग्राम मोहम्मद बेगपुर उर्फ टकाभरी निवासी श्याम सिंह ने कोतवाली भगवानपुर में शिकायत दर्ज कराई कि रविदास आश्रम में रहने वाले महंत बृजेश दास 5 फरवरी से लापता हैं। मामला दर्ज होते ही प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण के नेतृत्व में टीम गठित की गई, जिसमें उ0नि0 नीरज रावत, उ0नि0 बालाराम जोशी, अ0उ0नि0 मनोज कुमार, कांस्टेबल संजीव यादव, उवैदउल्लाह, संजय पंवार, महिला कांस्टेबल अनुपमा और सीआईयू रुड़की से कांस्टेबल महिपाल को शामिल किया गया। जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल ने पुलिस को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले तक पहुंचा दिया। संदेह की सुई ग्राम गांगनौली थाना दोघट जिला बागपत निवासी संजीव पुत्र स्व. रामपाल और उसकी पत्नी पर जा टिकी।
पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि महंत से पुराने संबंध और पारिवारिक पहचान थी, लेकिन मानसिक व आर्थिक दबाव से तंग आकर 5 फरवरी को उन्हें घर बुलाया गया। पहले से बनाई योजना के तहत संजीव ने कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। वारदात में उसका भाई जोगेंद्र पुत्र स्व. रामपाल, वर्तमान निवासी सोनीपत हरियाणा, भी शामिल था। हत्या के बाद दोनों भाइयों ने शव और मोटरसाइकिल को नदी में बहा दिया और मोबाइल, कपड़े व खून से सने बिस्तर को आग के हवाले कर सबूत मिटाने की कोशिश की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव, कुल्हाड़ी और अधजले साक्ष्य बरामद कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। रहस्य से घिरे इस प्रकरण का खुलासा जनपद पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।


























