हुनर को मिला सम्मान: शोभाराम प्रजापति ने बांटे प्रमाण पत्र, कारीगरों को दिया आत्मनिर्भरता का संदेश
सिटी न्यूज़ नेटवर्क (मौहम्मद नाज़िम):::
रुड़की। रुड़की के रामनगर स्थित माटी कला बोर्ड प्रशिक्षण केंद्र में 25 दिवसीय माटी कला शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्साह और उपलब्धियों के साथ संपन्न हो गया। व्यापक हस्तशिल्प क्लस्टर विकास योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने स्थानीय कारीगरों को हुनर, आत्मविश्वास और स्वरोजगार की नई दिशा दी। समापन समारोह में मुख्य अतिथि माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति और किसान आयोग के उपाध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह का माहौल उत्साह और गर्व से भरा रहा। अपने संबोधन में शोभाराम प्रजापति ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल कौशल विकास नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक, आकर्षक डिजाइन और प्रभावी मार्केटिंग रणनीति के जरिए माटी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सकता है, जिससे कारीगरों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। वहीं चौधरी अजीत सिंह ने पारंपरिक माटी कला को हमारी सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि बदलते समय के साथ इसे नए रूप में प्रस्तुत करना जरूरी है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे सीखे गए हुनर को रोजगार में बदलें और अपने क्षेत्र के अन्य लोगों को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक माटी उत्पाद निर्माण, नई डिजाइन तकनीक, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार में बिक्री की बारीकियों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण उनके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित हुआ है। समापन अवसर पर अंकित, राजेश, जोगेंद्र, प्रमोद, यशपाल, अनिल, सौरभ, ललिता, बबीता, दीपा, रजनी, मंजू, कोशल, बबली, सोनिया, प्रीत, सुमित, विनीत, वंश एवं हिमांशु सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने विश्वास जताया कि यह पहल क्षेत्र में माटी कला को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।

