संस्कार, संगठन और शक्ति का संगम—भव्य हिंदू सम्मेलन बना ऐतिहासिक
(मौहम्मद नाज़िम) रुड़की। सोलानीपुरम स्थित आईआईटी रुड़की के मनोरंजन क्लब में विश्वकर्मा बस्ती की ओर से आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन आस्था, अनुशासन और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और धर्मप्रेमी लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की। भाजपा नेता एवं फोनिक्स विश्वविद्यालय के चेयरमैन चैरब जैन ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि समाज की शक्ति उसकी सांस्कृतिक जड़ों और संगठन में निहित है। ऐसे सम्मेलन सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने और अपने संस्कारों पर गर्व करने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता पूज्य महंत लोकेशदास महाराज ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम और जीवन मूल्यों पर आधारित संस्कृति है। इसे सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
उन्होंने समाज में नैतिकता, आपसी सहयोग और धार्मिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान फोनिक्स विश्वविद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सम्मेलन में उपस्थित जनसमूह ने धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रो. प्रवीण कुमार, प्रो. एमल शर्मा, प्रो. राम मनोहर, ई. दीपक छावड़ा, अमरीश कुमार, पवन, सजीव जयंत, मयंक त्यागी, नितिन वर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सम्मेलन का समापन सामाजिक सौहार्द, संगठन और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊर्जा देने के संदेश के साथ



























