“टीबी पर वार: श्री ओम विश्वविद्यालय ने छेड़ी जागरूकता की मुहिम”
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
रुड़की: विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर श्री ओम विश्वविद्यालय में जागरूकता का ऐसा माहौल देखने को मिला, जहां छात्र-छात्राओं ने न सिर्फ टीबी जैसी गंभीर बीमारी को समझा, बल्कि इसके खिलाफ लड़ाई में अपनी भागीदारी का संकल्प भी लिया।
विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी और सामाजिक जागरूकता का मजबूत संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो-वीसी डॉ. एस. पी. पांडेय ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि टीबी आज भी समाज के सामने एक बड़ी चुनौती है, लेकिन सही समय पर जांच, नियमित उपचार और जागरूकता के जरिए इस बीमारी को पूरी तरह हराया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खुद जागरूक बनें और समाज में भी इस संदेश को फैलाएं। कुलसचिव डॉ. बी. के. अम्बास्ता ने अपने विचार रखते हुए कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। वहीं फार्मेसी विभाग के प्राचार्य डॉ. दीपक गौर ने विस्तार से टीबी के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला और समय पर इलाज की अहमियत समझाई। इस कार्यक्रम में फार्मेसी के साथ-साथ नर्सिंग, पैरामेडिकल और बीएएमएस के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभिषेक और पुष्पेंद्र की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने, भ्रांतियों को दूर करने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। श्री ओम विश्वविद्यालय का यह प्रयास न केवल शिक्षा बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में भी एक प्रेरणादायक कदम साबित हुआ।

