IIT रुड़की में ‘विजन 2047’ का बिगुल, 61 करोड़ रोजगार का ब्लूप्रिंट तैयार
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
रुड़की: रुड़की स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने एक बार फिर देश के भविष्य की दिशा तय करने का बड़ा मंच तैयार किया। “विजन 2047: समृद्ध एवं महान भारत 2.0” विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के दिग्गज शिक्षाविद, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के दिग्गज एक ही मंच पर नजर आए।
इस भव्य आयोजन की सबसे बड़ी खासियत रही—भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की ठोस रणनीति और 61 करोड़ रोजगार सृजन का प्रामाणिक रोडमैप। दीक्षांत सभागार में शुरू हुए इस सम्मेलन का आगाज राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल काविंदर गुप्ता की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और ऊंचा कर दिया। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने अपने संबोधन में साफ कहा कि अगर भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर बनाना है तो शिक्षा, उद्योग और शासन के बीच मजबूत तालमेल बेहद जरूरी है।
सम्मेलन में राष्ट्रीय रोजगार नीति का अनावरण किया गया, जिसने देश के युवाओं के लिए नए अवसरों के दरवाजे खोलने का संकेत दिया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के वर्चुअल संदेशों ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बना दिया। इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दौरान सेंटर फॉर प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग का उद्घाटन और अत्याधुनिक ईवी लैब का निरीक्षण भी किया गया। दिव्यांगजनों के लिए तैयार किया गया विशेष मोबिलिटी वाहन आकर्षण का केंद्र रहा। 100 से अधिक संस्थानों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन में स्टार्टअप्स की प्रदर्शनी ने यह साफ कर दिया कि आने वाला भारत नवाचार, तकनीक और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

