ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी: 600 घंटे की फुटेज, लाखों मोबाइल नंबरों का विश्लेषण, प्रेम प्रसंग में हुई थी कौशल्या की हत्या
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
हरिद्वार: पुलिस ने एक ऐसे ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश किया है जिसने शुरुआती जांच में पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। चंडी देवी मंदिर रोपवे के पास घनी झाड़ियों में मिले एक अज्ञात महिला के सड़े-गले शव ने पुलिस को हैरत में डाल दिया था। मृतका की पहचान नहीं थी, कातिलों का कोई सुराग नहीं था और चेहरा इस कदर क्षतिग्रस्त हो चुका था कि पहचान लगभग असंभव लग रही थी। लेकिन एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने हार नहीं मानी। एसपी क्राइम निशा यादव की निगरानी में गठित विशेष टीम ने 25 दिनों तक लगातार दिन-रात मेहनत की।
करीब 600 घंटे की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, 1 लाख 64 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया और हजारों रिकॉर्ड खंगालकर एक-एक कड़ी को जोड़ा गया। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के आसपास की सीमित फुटेज में तीन संदिग्ध पुरुषों के साथ एक महिला दिखाई दी। चौंकाने वाली बात यह रही कि लौटते समय महिला उनके साथ नहीं थी। इसी सुराग ने पुलिस को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले तक पहुंचा दिया, जो घटनास्थल से लगभग 700 किलोमीटर दूर है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतका कौशल्या पत्नी पप्पू निवासी बांदा थी। उसका प्रेम संबंध रामप्रकाश उर्फ गोविंदा से था। पहले से शादीशुदा रामप्रकाश पर कौशल्या शादी का दबाव बना रही थी।
इसी दबाव से छुटकारा पाने के लिए रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची। तीनों आरोपी कौशल्या को चंडी देवी दर्शन का लालच देकर हरिद्वार लाए और सुनसान रास्ते पर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविंदा और छेदीलाल को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
इस शानदार खुलासे में एसपी क्राइम निशा यादव, एसपी सिटी अभय सिंह, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी, सीआईयू प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट, थानाध्यक्ष नितेश शर्मा सहित पूरी पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही। मामले के सफल अनावरण पर आईजी गढ़वाल ने पुलिस टीम को 5 हजार रुपये और एसएसपी हरिद्वार ने 2500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।

