आईआईटी रुड़की में शान से लहराया तिरंगा, विकसित भारत 2047 का लिया संकल्प



City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
रुड़की: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ पूरे उत्साह से मनाया गया। जेम्स थॉमसन बिल्डिंग के सामने आयोजित भव्य समारोह में संस्थान के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान और संस्थान के कुलगीत “जयति जयति विद्या संस्थान” ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत के आगमन और गार्ड ऑफ ऑनर के निरीक्षण से हुई। समारोह में आईआईटी रुड़की के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, कर्मचारी, छात्र, पूर्व छात्र, स्कूली बच्चे और उनके परिजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि आजादी के 80 वर्ष पूरे होने का अवसर देश की उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की जिम्मेदारियों पर विचार करने का भी समय है।
उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी क्षमता की निर्णायक भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की शोध और ज्ञान को ऐसी तकनीकों और समाधानों में बदलने की दिशा में लगातार काम कर रहा है, जो देश की जरूरतों को पूरा करने के साथ आमजन के जीवन को बेहतर बना सकें। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, सतत ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, उन्नत विनिर्माण, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण खनिज जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में संस्थान के योगदान को रेखांकित किया। निदेशक ने आईआईटी रुड़की के स्टार्टअप और डीप-टेक इकोसिस्टम को भी संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने छात्रों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, निर्भीक होकर नए विचारों पर काम करने और अपने ज्ञान व कौशल को राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले भारत की दिशा आज की युवा पीढ़ी के फैसलों, सोच और योगदान से तय होगी। आईआईटी रुड़की के उप निदेशक प्रो. प्रवीण कुमार ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य ज्ञान, नवाचार और सामूहिक प्रयासों की मजबूत नींव पर ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संस्थान शिक्षा, अनुसंधान, उद्यमिता और सामाजिक सहभागिता को एक साथ जोड़कर देश के लिए सक्षम नेतृत्व और टिकाऊ समाधान तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में एबीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अनुष्रुति अकादमी फॉर द डेफ और आईआईटी रुड़की की कल्चरल सोसाइटी के विद्यार्थियों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता, एकता और स्वतंत्रता के मूल्यों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। वहीं, थिंक इंडिया, आईआईटी रुड़की की ओर से आयोजित तिरंगा यात्रा ने समारोह के उत्साह को और बढ़ा दिया।
हाथों में तिरंगा लेकर छात्र, शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रप्रेम के रंग में नजर आए। तिरंगा यात्रा के जरिए ज्ञान, नवाचार और जिम्मेदार नागरिकता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का सामूहिक संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में संविधान के मूल्यों, सत्यनिष्ठा, समावेशिता, उत्कृष्टता और नवाचार को जीवन का हिस्सा बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। आईआईटी रुड़की ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि विकसित भारत 2047 की यात्रा में संस्थान शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और सामाजिक प्रभाव के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति में अपनी मजबूत भूमिका निभाता रहेगा।


























