खेल से ऊपर उठी इंसानियत, फाइनल में खिलाड़ी की चोट बनी संयुक्त जीत की वजह
(मौहम्मद नाज़िम) रुड़की!
रुड़की के नेहरू स्टेडियम में आयोजित पांच दिवसीय ‘सेशन वन’ क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन आज खेल भावना और मानवीय मूल्यों की एक मजबूत मिसाल बन गया। टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले के दौरान एक खिलाड़ी के गंभीर रूप से घायल हो जाने के बाद खेल को तुरंत रोक दिया गया और आयोजकों ने दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित करने का सराहनीय निर्णय लिया।

फाइनल मुकाबला पुरानी तहसील और कलियर की टीमों के बीच खेला जा रहा था। पुरानी तहसील की टीम ने बल्लेबाजी की शुरुआत की, जबकि कलियर की टीम फील्डिंग में उतरी। मैच के महज तीन ओवर पूरे हुए थे कि फील्डिंग के दौरान कलियर टीम का एक खिलाड़ी गेंद पकड़ने के प्रयास में फिसलकर गिर पड़ा।

गिरने से उसके घुटने में गंभीर चोट आ गई, जिससे मैदान पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। खिलाड़ी की हालत को देखते हुए मैच को तत्काल रोक दिया गया और किसी भी तरह का जोखिम न लेते हुए फाइनल मुकाबला रद्द कर दिया गया। इसके बाद टूर्नामेंट आयोजक विपिन शर्मा, यश कश्यप, रानू धीमान और मीत अरोड़ा ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया कि दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित करते हुए पुरस्कार राशि को बराबर-बराबर वितरित किया जाए। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में फॉनिक्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन चैरब जैन मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल का असली उद्देश्य जीत से ज़्यादा अनुशासन, भाईचारा और मानवता है। उन्होंने आयोजकों द्वारा लिए गए इस फैसले को खेल भावना की सच्ची जीत बताया। कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री अक्षय प्रताप, पूर्व मेयर यशपाल राणा और कांग्रेस प्रदेश युवा महामंत्री प्रणय प्रताप सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों की सराहना की और टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वहीं पूरे आयोजन के दौरान अंपायर निशु राणा, आशु राणा, इराज खान और रॉबिन ने निष्पक्ष और सुचारु संचालन में अहम भूमिका निभाई।

