इमलीखेड़ा में पेयजल संकट के समाधान की बड़ी पहल, मनोज सैनी के प्रयासों से 34 करोड़ की योजना को मिली मंजूरी
(मौहम्मद नाज़िम) इमलीखेड़ा। नगर पंचायत इमलीखेड़ा के लिए वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में एक अहम उपलब्धि दर्ज की गई है। शासन द्वारा नगर पंचायत क्षेत्र के लिए बहुप्रतीक्षित पेयजल योजना को स्वीकृति दिए जाने के बाद क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। इस उपलब्धि का श्रेय नगर पंचायत के प्रथम अध्यक्ष मनोज कुमार सैनी को दिया जा रहा है, जिनके निरंतर प्रयासों से यह योजना मूर्त रूप ले सकी। जैसे ही योजना की स्वीकृति की सूचना क्षेत्र में पहुंची, बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और अध्यक्ष मनोज सैनी का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत कर उनका आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि मनोज सैनी ने शुरू से ही पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसे अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा। इमलीखेड़ा क्षेत्र लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहा था। नगर पंचायत के गठन के बाद अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते ही मनोज सैनी ने सभी वार्डों की स्थिति का अध्ययन कर समस्या को शासन स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया। दिशा की बैठकों से लेकर संबंधित विभागों और उच्च अधिकारियों के समक्ष लगातार पैरवी करने का ही परिणाम है कि आज यह महत्वाकांक्षी योजना स्वीकृत हो सकी। शासन द्वारा वर्ल्ड बैंक पोषित योजना के अंतर्गत नगर पंचायत इमलीखेड़ा के सभी 9 वार्डों के लिए लगभग 34 करोड़ रुपये की पेयजल योजना को मंजूरी दी गई है। योजना के तहत क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक को प्रतिदिन 135 लीटर प्रति व्यक्ति (LPCD) शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन पेयजल निगम हरिद्वार द्वारा किया जाएगा।
पेयजल योजना की स्वीकृति को इमलीखेड़ा के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस योजना से न केवल जल संकट दूर होगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। इस अवसर पर व्यापार मंडल इमलीखेड़ा के अध्यक्ष अश्वनी गोयल, फोनिक्स विश्वविद्यालय के अध्यक्ष चैरब जैन सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

