गढ़ी संघीपुर में गौकशी का पर्दाफाश, 3 आरोपी पुलिस गिरफ्त में
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
रुड़की: लक्सर के सन्नाटे में डूबी एक रात, जब सब कुछ सामान्य दिख रहा था, तभी ग्राम गढ़ी संगीपुर से उठी एक गुप्त सूचना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। खबर थी कि बंद दरवाजों के पीछे एक खौफनाक खेल चल रहा है। सूचना मिलते ही हरिद्वार गौवंश संरक्षण स्क्वॉड और लक्सर पुलिस हरकत में आई। जैसे ही टीम ने मौके पर दबिश दी, वहां का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया।
अंधेरे के बीच तीन आरोपी — सुलेमान पुत्र हय्यात, युसूफ पुत्र अल्लादिया और सहजाद पुत्र मुनफैत — रंगे हाथों दबोच लिए गए, जबकि उनका एक साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। मौके से 105.5 किलो गौमांस और गौकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद हुए, जो इस अवैध नेटवर्क की गहराई को बयां कर रहे थे।
लेकिन इस पूरी कार्रवाई का सबसे भावुक पहलू था दो बेजुबान गौवंशीय पशुओं की हालत, जिन्हें बेरहमी से बांधकर रखा गया था। पुलिस टीम की फुर्ती ने न सिर्फ इस काले धंधे का पर्दाफाश किया, बल्कि इन मासूम जानवरों को मौत के मुंह से भी खींच लाया। दोनों पशुओं को तुरंत सुरक्षित गौशाला भेज दिया गया। इस ऑपरेशन में उपनिरीक्षक शरद सिंह, उपनिरीक्षक दीपक चौधरी सहित शूरवीर सिंह, आशीष पाण्डे, बृजकिशोर, राजेन्द्र, पूरन दानू, पवन कुमार और कांस्टेबल लखमीरी की टीम ने अहम भूमिका निभाई। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ उत्तराखण्ड गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। लक्सर में इस कार्रवाई के बाद साफ है कि कानून के हाथ अब और भी सख्त हो चुके हैं।

