सख्ती भी संवेदनशीलता भी: नशामुक्त समाज की मिसाल बनीं अनीता भारती
City News Network मौहम्मद नाज़िम :::
हरिद्वार। सरकारी सेवा के साथ सामाजिक दायित्वों को समान प्राथमिकता देना हर किसी के बस की बात नहीं होती, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने यह साबित कर दिखाया है कि दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच से बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है। नकली और नशीली दवाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाने वाली अनीता भारती प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ समाज में जागरूकता की अलख भी जगा रही हैं। नशामुक्त समाज के संकल्प को लेकर वह स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
प्रेरक वक्ता के रूप में अपने संबोधनों के जरिए वह युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराती हैं और जीवन में सही दिशा चुनने की प्रेरणा देती हैं। उनका मानना है कि यदि बचपन और युवावस्था में सही मार्गदर्शन मिल जाए तो समाज की अनेक बुराइयों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। अनीता भारती अपने विचारों में शिक्षा, शिष्टाचार, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को सफलता की मूल आधारशिला मानती हैं।
वह कहती हैं कि केवल कानून के बल पर नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता से ही अवैध दवा कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से ही नशे के जाल को तोड़ा जा सकता है।
ड्रग इंस्पेक्टर के रूप में उन्होंने सैकड़ों मामलों में कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं के कारोबार पर कड़ा प्रहार किया है। अपने सराहनीय कार्यों के चलते वह कई मंचों पर सम्मानित भी हो चुकी हैं। आज अनीता भारती न केवल एक सख्त अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं, बल्कि नारी सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की प्रेरक मिसाल बनकर उभर रही हैं।

