जमानत के खेल का मास्टरमाइंड गिरफ्तार… फर्जी कागजों से चलता था गैंग
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
हरिद्वार: हरिद्वार पुलिस ने एक ऐसे शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है, जो अदालत में फर्जी दस्तावेजों और झूठे शपथपत्रों के दम पर जमानत का खेल खेल रहा था। सिडकुल थाना पुलिस ने इस गैंग के कथित सरगना सरफराज पुत्र उमरदराज निवासी मोहल्ला चौहनान, कोतवाली ज्वालापुर और उसके साथी सतीश पुत्र यशपाल निवासी ग्राम बहादुरपुर, थाना पथरी को गिरफ्तार कर एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है, जिसने न्यायिक प्रक्रिया को ही चुनौती दे डाली थी।
मामला सीजेएम कोर्ट रोशनाबाद से जुड़ा है, जहां जमानत के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद 23 मार्च को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले ही तीन आरोपियों—कमलेश, उज्ज्वल और नरेश—को जेल भेज दिया था। इसके बाद सिडकुल थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी जांच तेज की और हर पहलू को बारीकी से खंगालना शुरू किया।
जांच के दौरान सामने आया कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड सरफराज बेहद शातिर अंदाज में दस्तावेजों का घालमेल करता था। नाम एक, लेकिन जमीन किसी और की—यही इस गिरोह की सबसे बड़ी चाल थी। सरफराज अपने साथी सतीश के साथ मिलकर ऐसे कागजात तैयार करता था, जिनमें असली मालिक को इसकी भनक तक नहीं लगती थी और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अदालत से जमानत हासिल कर ली जाती थी। पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस गैंग तक पहुंच बनाई। इस कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों ने लगातार मेहनत करते हुए न सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि सरफराज के कब्जे से कई अहम दस्तावेज और पहले जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल भी बरामद किए, जिससे इस पूरे रैकेट की परतें खुलने लगी हैं।
इतना ही नहीं, जिस जमीन के कागजात कोर्ट में लगाए गए, उसके वास्तविक मालिक को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उसकी संपत्ति का इस्तेमाल जमानत के लिए किया जा रहा है। यह खुलासा सामने आने के बाद पूरे मामले ने और भी गंभीर रूप ले लिया है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और उन्हें न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद हरिद्वार में फर्जी जमानत के इस संगठित खेल पर बड़ा शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

