पीपल के पेड़ के नीचे मौत का सन्नाटा, 12 घंटे में खुला साधु हत्याकांड का राज
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
हरिद्वार: हरिद्वार के रोडीबेलवाला क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब हाईवे के बीच पीपल के पेड़ के नीचे रहने वाले एक साधु की रहस्यमयी हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। सुबह की पहली किरण के साथ सामने आई इस वारदात ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया—आखिर कौन था वो, जिसने एक बेबस साधु को इतनी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया? सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो दृश्य बेहद खौफनाक था।
करीब 40-45 वर्षीय अज्ञात साधु खून से लथपथ पड़ा था, उसके सिर और चेहरे पर गहरे घाव इस बात की गवाही दे रहे थे कि हमलावर ने कोई रहम नहीं दिखाया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, और यहीं से शुरू हुई एक रहस्य से भरी जांच। पहचान न होने के कारण पुलिस खुद वादी बनी और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी गई।
फोरेंसिक टीम ने हर सुराग को बारीकी से खंगाला, जबकि पुलिस ने डिजिटल और मैनुअल तरीके से सुरागों की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। चश्मदीदों से मिली जानकारी ने जांच को नई दिशा दी। एक संदिग्ध को गंगा सभा की अस्थायी पार्किंग की ओर जाते देखा गया। पुलिस ने जब वहां दबिश दी, तो एक पेड़ के नीचे सोता हुआ व्यक्ति मिला—जो पुलिस को देखते ही घबरा गया और सच उगल बैठा।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीपक थापा पुत्र रामबहादुर थापा, निवासी ग्राम पुरकोट तमगास अंचल लुम्बिनी, नेपाल, उम्र 43 वर्ष बताया। उसने कबूल किया कि पुरानी रंजिश और गुस्से में उसने पहले डंडे और फिर पत्थर से वार कर साधु की हत्या कर दी। महज 12 घंटे में पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मृतक की पहचान अभी भी एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है।

