एक सप्ताह बाद आसफनगर झाल से मिला लापता ईशांत का शव, परिवार में मातम
(मौहम्मद नाज़िम) रुड़की। सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र में गंगनहर में डूबे युवक का शव एक सप्ताह बाद आसफनगर झाल से बरामद होने से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने स्थानीय जलवीरों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से वृंदावन निवासी नेम सिंह भाटी वर्तमान में रुड़की के गणेशपुर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका इकलौता बेटा ईशांत भाटी बृहस्पतिवार दोपहर अपने दो दोस्तों के साथ गंगनहर की पटरी पर बैठा हुआ था। भोजन करने के बाद ईशांत जैसे ही हाथ धोने के लिए नहर के किनारे उतरा, अचानक उसका पैर फिसल गया। गंगनहर का बहाव तेज होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सका और कुछ ही पलों में पानी में बहकर आंखों से ओझल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस, जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई थी। गोताखोरों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं लग सका। करीब एक सप्ताह बाद गुरुवार देर रात ईशांत का शव आसफनगर झाल से बरामद हुआ। शव की पहचान होते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली प्रभारी मनीष उपाध्याय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।



























