आईआईटी रुड़की में विरासत 2026 का भव्य समापन, कव्वाली ने बाँधा समां
(मौहम्मद नाज़िम) रुड़की। आईआईटी रुड़की के दीक्षांत सभागार में आयोजित विरासत 2026 महोत्सव का समापन सांस्कृतिक गरिमा और भावनात्मक ऊँचाइयों के साथ हुआ। एसपीआईसी मैके आईआईटी रुड़की चैप्टर द्वारा आयोजित इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध शास्त्रीय परंपराओं से जोड़ते हुए समग्र शिक्षा की अवधारणा को सशक्त मंच प्रदान किया। समापन संध्या की विशेष प्रस्तुति प्रसिद्ध कलाकार रामपुर वारसी की भव्य कव्वाली रही,
जिसने सभागार को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रस से सराबोर कर दिया। कव्वाली के माध्यम से भारतीय समन्वयात्मक संस्कृति और मानसिक-भावनात्मक कल्याण के संदेश ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों का समावेश विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है,
और विरासत इसी सोच का सशक्त उदाहरण है। वहीं उप निदेशक प्रो. यू. पी. सिंह ने एसपीआईसी मैके को युवाओं को भारतीय कला और सौंदर्यबोध से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। महोत्सव के दौरान शास्त्रीय नृत्य, गायन, गुरबानी, शिल्प और सिनेमा से जुड़ी प्रस्तुतियाँ, कार्यशालाएँ और प्रदर्शनियाँ आयोजित की गईं। विरासत 2026 ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि आईआईटी रुड़की शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और भावनात्मक कल्याण का भी अग्रदूत है।



























