सरकारी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का बिगुल, सड़कों पर उतरने की तैयारी
(मौहम्मद नाज़िम) रुड़की। शहर की सियासत उस समय गरमा गई जब जिला कांग्रेस कमेटी रुड़की महानगर की मासिक बैठक में जनहित के मुद्दों पर खुलकर मंथन हुआ। वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में साफ संकेत दिए गए कि अब संगठन वार्ड स्तर तक सक्रिय होकर जनता की आवाज बुलंद करेगा। बैठक में मनरेगा कानून के क्रियान्वयन में कथित खामियों, नगर निगम द्वारा कूड़ा उठान के निजीकरण, बिजली विभाग की ओर से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर, तहसील में अव्यवस्था और राशन कार्ड न बनने जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की नीतियों और प्रशासनिक ढिलाई का सीधा असर आमजन पर पड़ रहा है। इन मुद्दों पर चरणबद्ध आंदोलन, जनसंपर्क अभियान और संबंधित अधिकारियों से वार्ता करने की रणनीति तैयार की गई। वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मोहल्लों और वार्डों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को संकलित करेगी और समाधान के लिए संघर्ष करेगी। संगठनात्मक मजबूती और जनभागीदारी को प्राथमिकता देते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। बैठक में अजय चौधरी, डॉ. हरविंदर सिंह, प्रणय प्रताप सिंह, शारिक सुल्तान, रिजवान अहमद, मोहित त्यागी, मदनपाल सिंह भडाना, गुलशनव्वर, सुशील कश्यप, नीरज सैनी, ओवेश अंसारी, जसविंदर सिंह, एडवोकेट अमरदीप पोहीवाल, विशाल सहगल, विकास सैनी, मोनू त्यागी, सुधीर, नावेद मलिक, उमेश देव सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संदेश स्पष्ट रहा—जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस अब संघर्ष की राह पर आगे बढ़ेगी।



























