नेट ज़ीरो की राह में बड़ा कदम, आईआईटी रुड़की ने PSP पर दिखाई नई दिशा
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
रुड़की: भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को रफ्तार देने की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान द्वारा तैयार “भारत में पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर (PSP) विकास की आगे की राह” शीर्षक रिपोर्ट देश को 2070 के नेट ज़ीरो लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
नई दिल्ली में इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट का विमोचन संतोष कुमार सारंगी, सचिव, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आने वाले समय में पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर न सिर्फ बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा को संभालेगा, बल्कि देश की ग्रिड स्थिरता की रीढ़ भी बनेगा।
यह अध्ययन प्रो. अरुण कुमार के नेतृत्व में तैयार किया गया है, जिसमें PSP के तेज विस्तार में आ रही बाधाओं और उनके समाधान पर विस्तार से काम किया गया है। रिपोर्ट बताती है कि नीति, वित्त, भूमि और तकनीकी चुनौतियां इस क्षेत्र की गति को धीमा कर रही हैं, लेकिन सही रणनीति और समन्वय से इन्हें दूर किया जा सकता है। रिपोर्ट में स्वीकृति प्रक्रियाओं को सरल बनाने, नए वित्तीय मॉडल अपनाने, जोखिम को संतुलित करने और संस्थागत तालमेल बढ़ाने जैसे ठोस सुझाव दिए गए हैं।
साथ ही, पश्चिमी तट पर समुद्र आधारित PSP और बंद पड़ी खदानों के उपयोग जैसे नवाचारों को भी आगे बढ़ाने की बात कही गई है, जो ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में गेमचेंजर साबित हो सकते हैं। कमल किशोर पंत, निदेशक, आईआईटी रुड़की ने कहा कि यह रिपोर्ट भारत के ऊर्जा भविष्य को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक जलवायु लक्ष्यों में भी योगदान देगी। वहीं घनश्याम प्रसाद, अध्यक्ष, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने PSP को बढ़ती ऊर्जा मांग के बीच स्थिरता का प्रमुख आधार बताया। कार्यक्रम में मयंक तिवारी, आकाश त्रिपाठी और मिन्हास आलम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ मौजूद रहे। यह अध्ययन न सिर्फ नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के लिए मार्गदर्शक बनेगा, बल्कि भारत को एक मजबूत, लचीली और हरित ऊर्जा व्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।




















































