वाल्मीकि घाट पर नोटिस से भड़का समाज, सड़कों पर उतरा गुस्सा
City News Network (मौहम्मद नाज़िम):::
रुड़की: रुड़की में वाल्मीकि घाट को लेकर सिंचाई विभाग का एक नोटिस अब बड़े जनआक्रोश का कारण बनता जा रहा है। ऊपरी गंगा नहर की पटरी पर बने निर्माण को अतिक्रमण बताते हुए विभाग ने सात दिन के भीतर हटाने का आदेश जारी किया, जिसके बाद वाल्मीकि समाज में भारी नाराज़गी फैल गई।
विभाग ने नोटिस में घाट पर स्थापित मूर्ति और निर्माण को बिना अनुमति बताया और उत्तरी कैनाल एवं ड्रेनेज एक्ट समेत आईपीसी की धाराओं का हवाला देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। नोटिस सामने आते ही बुधवार को वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग वाल्मीकि घाट पर एकत्र हो गए। घाट परिसर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शनों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वाल्मीकि घाट केवल एक स्थान नहीं बल्कि समाज की आस्था, सम्मान और पहचान का प्रतीक है, और इसके खिलाफ किसी भी कार्रवाई को समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य विनय प्रताप सिंह ने प्रशासन को चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि भगवान वाल्मीकि करोड़ों लोगों की श्रद्धा के केंद्र हैं। यदि घाट को हटाने या तोड़ने की कोशिश की गई तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा होगा और पूरा समाज सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। विरोध प्रदर्शन के बाद गुस्साए लोगों ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर सिंचाई विभाग के नोटिस की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरमाया रहा और प्रशासन विरोधी नारे लगातार लगते रहे। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ते विरोध ने इस मुद्दे को अब संवेदनशील बना दिया है।
