हरियाली पर आरी! सिमलोनी में 156 आम के पेड़ साफ, कॉलोनी की आहट से भड़का गांव
(मौहम्मद नाज़िम) रुड़की। मंगलौर क्षेत्र के ग्राम सिमलोनी से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। गांव के बीचों-बीच स्थित एक सघन आम के बाग में भारी पैमाने पर पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला उजागर हुआ है। जानकारी के अनुसार करीब 156 फलदार आम के पेड़ों को जड़ से गिरा दिया गया, जिससे इलाके में नाराज़गी और हैरानी का माहौल बन गया है। सूचना मिलते ही उद्यान विभाग के सचल दल केंद्र नारसन के प्रभारी अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्पष्ट हुआ कि बाग में खड़े अधिकांश पेड़ पूरी तरह काटे जा चुके हैं। जहां कभी घनी हरियाली थी, वहां अब ठूंठ और बिखरी लकड़ियां नजर आईं।
प्राथमिक पड़ताल में सामने आया कि उक्त भूमि खतौनी संख्या 190, रकबा 1.3740 हेक्टेयर, सतीश कुमार गुप्ता, हरीश कुमार गुप्ता और गिरीश कुमार गुप्ता के नाम दर्ज है। अधिकारियों को आशंका है कि जमीन को भविष्य में रिहायशी उपयोग में लाने की योजना के तहत सुनियोजित ढंग से यह कटान कराया गया हो सकता है। यदि ऐसा पाया गया तो यह पर्यावरणीय नियमों की गंभीर अनदेखी मानी जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित विभाग ने मंगलौर कोतवाली को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर वृक्ष संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने पुष्टि की कि विभाग से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है और कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उधर, वन विभाग ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आम की लकड़ियों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लिया है। इससे मामले ने और तूल पकड़ लिया है। स्थानीय ग्रामीणों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है।
उनका कहना है कि क्षेत्र में हरित आवरण पहले ही सिमट रहा है, ऐसे में फलदार वृक्षों का इस तरह सफाया किया जाना पर्यावरण पर सीधा हमला है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी हरे-भरे बागों पर आरी चलाने की हिम्मत न कर सके। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से पूरे प्रकरण की जांच में जुटे हैं। जांच के बाद यदि अवैध कटान की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों पर कठोर कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।



























