आईआईटी रुड़की ने रचा इतिहास, एआई और डिज़ाइन के संगम से सतत फैशन को मिली नई उड़ान
(मौहम्मद नाज़िम) रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रचनात्मक डिज़ाइन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। संस्थान द्वारा विकसित “फ्लोरा (FLORA)” डेटासेट और “नेरा (NeRA)” अडैप्टर फैशन डिज़ाइन की दुनिया में एआई के उपयोग को एक नई दिशा दे रहे हैं। यह भारत का पहला फैशन-स्केच आधारित डेटासेट है, जो पाठ्य विवरणों से उच्च-गुणवत्ता और विस्तृत फैशन स्केच तैयार करने में एआई को सक्षम बनाता है। अब तक अधिकांश फैशन आधारित एआई मॉडल साधारण शब्दों तक सीमित थे, लेकिन फ्लोरा डेटासेट के माध्यम से एआई अब “मिनिमलिस्ट क्रॉप्ड ब्लाउज़” या “ड्रेप्ड काउल नेकलाइन वाला सायंकालीन गाउन” जैसे जटिल और पेशेवर विवरणों को भी समझकर सटीक स्केच तैयार कर सकता है।
यह शोध आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग और मेहता फैमिली स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रो. स्पर्श मित्तल के नेतृत्व में किया गया है। प्रो. स्पर्श मित्तल ने कहा कि यह तकनीक डिज़ाइन प्रक्रिया को सरल, तेज़ और अधिक सतत बनाएगी, जिससे फैशन, खुदरा और अन्य रचनात्मक उद्योगों में नवाचार को नई गति मिलेगी।
वहीं आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि फ्लोरा और नेरा जैसी नवाचारात्मक पहलें यह दर्शाती हैं कि आईआईटी रुड़की किस प्रकार अत्याधुनिक अनुसंधान के माध्यम से तकनीक और रचनात्मकता को जोड़ रहा है। यह कार्य न केवल भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर डिज़ाइन और एआई के क्षेत्र में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को भी मजबूत करेगा। फ्लोरा और नेरा को ओपन-सोर्स रूप में जारी किया गया है, जिससे वैश्विक शोधकर्ताओं और डिज़ाइनरों को सहयोग और नवाचार के नए अवसर मिलेंगे। यह पहल डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय एआई मिशन को मजबूती देती है और सतत फैशन व डिज़ाइन के भविष्य की ओर एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।



























