दिन में नौकरी, रात में झपटमारी! सिडकुल में पढ़े-लिखे मोबाइल स्नैचरों का पर्दाफाश
(मौहम्मद नाज़िम) हरिद्वार। हरिद्वार के सिडकुल थाना क्षेत्र में मोबाइल झपटमारी की बढ़ती वारदातों ने आम लोगों की नींद उड़ा रखी थी। राह चलते लोग हर पल मोबाइल छिनने के डर में जी रहे थे। लेकिन अब इस दहशत के पीछे छिपा रहस्यमयी चेहरा पुलिस ने बेनकाब कर दिया है।
सिडकुल पुलिस ने एक ऐसे झपट्टामार गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी चौंकाने वाली है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पढ़े-लिखे, मेट्रिक और ग्रेजुएट हैं और सिडकुल की नामी निजी कंपनियों में नौकरी करते थे। दिन में फैक्ट्री की शिफ्ट और रात में अपराध—यही इनका खतरनाक खेल था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान 31 जनवरी 2026 को सिडकुल पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को धर दबोचा।
जब पुलिस ने तलाशी ली, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ—आरोपियों के कब्जे से झपटमारी और चोरी के छह मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनमें से तीन मोबाइल फोन ऐसे निकले, जिनकी शिकायतें पहले से ही थाना सिडकुल में दर्ज थीं। पुलिस ने बरामद मोबाइल के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है, जबकि शेष तीन मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक पुत्र रामचन्द्र (24 वर्ष), अभिनव पुत्र हुकम सिंह (21 वर्ष) और दीपू कुमार पुत्र बिश्मबर (25 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले हैं और फिलहाल सिडकुल क्षेत्र में रहकर कंपनियों में काम कर रहे थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सुनसान रास्तों पर राह चलते लोगों को निशाना बनाकर पलक झपकते ही मोबाइल झपट लेते थे,
जिससे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था। सिडकुल पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। यह पूरी कार्रवाई थाना अध्यक्ष नितेश शर्मा के नेतृत्व में की गई, जिसमें उपनिरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक संजय चौहान समेत पुलिस टीम के अन्य जवान शामिल रहे।
पुलिस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और आगे भी सघन चेकिंग अभियान और सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।



























